Monday, October 26, 2026

जीवन में कुछ भी रहस्य नहीं है

जीवन में कुछ भी रहस्य नहीं है ,
न तो दुख का कोई रहस्य है ,
न ही  खुशियां हैं रहस्यमयी !
न हमारा जीना ,
न हमारा मरना !

बस हमें खुद को समझना है,
बस हमें खुद को समझाना है ,
हम केवल खुद ही के लिये हैं रहस्यमयी,
नहीं पता हमें ,
जीवन के रस को कैसे है पीना ,
जीवन है मिला तो क्या है करना !

हम तो मात्र जीने के लिये जीते हैं,
सांसों के अतिरिक्त कोई आधार नहीं है जीने का  !
मौत को अछूत समझते हैं 
सो मृत्यु संग व्यवहार नहीं है जीने का। !

विचारों की खेती में जिसने, खुद को बोया ,
मरने के बाद भी उसका अस्तित्व नहीं खोया ,
हमें केवल यही है पता,
कि जीने के बाद है , बस मरना !

हम प्रकृति के रहस्य को भेदने में मर खप जाते हैं ,
रहस्य जानना ही क्यों है, 
बता नहीं पाते हैं !

पैसे कमाते हैं,
उम्र गंवाते हैं,
जीने के फायदे से ज्यादा,
मरने के बाद के फायदे पर फिसले जाते हैं,
हमारी ये आदतें हैं रहस्यमयी ,
कि एक प्रथा बनायी है ,
जहां घोषित करते हैं ,
कि शांति स्थापित करने के लिये जरूरी है लड़ना !



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