Showing posts with label खुश मत होना. Show all posts
Showing posts with label खुश मत होना. Show all posts

Thursday, September 24, 2026

खुश मत होना

लड़ाई मेरी मेरे धैर्य से थी, तुमसे नहीं,
मगर हार गया मैं ,
तुम्हें लग रहा है तुमसे हार गया मैं,
सच तो ये है ,
तुमको हार गया मैं !

तुम्हारा इश्क अधीन है तुम्हारी काया के ,
सो बूढ़ा हो रहा साथ तुम्हारे !
मेरा इश्क  अधीन है  मेरी छाया के  ,
उम्र दिखेगी ही नहीं किसी किनारे !

किसी दिन सो के उठोगी तुम,
मगर मैं नहीं उठूंगा,
अपनी जीत का जश्न तब मनाना ही पड़ेगा तुम्हें  !
रोना चाहो या न चाहो,
रो के दिखाना ही पड़ेगा तुम्हें !

तब मुकाबला तुम्हारा ,
सुख से होगा तुम्हारे ,
हार गयी तो सब पूछेंगे अब क्या करोगी,
खुश मत होना,
जीत के गड्ढे में तो अकेली ही गिरोगी  !

सुख हो या खुशी या जीत ही क्यों न हो 
सब नज़र आयेंगे 
पकड़ने जाओगी,हाथ नहीं आयेंगे !

हमारा प्रेम नहीं मरेगा,
वो चला जायेगा साथ मेरे ही,
देखना जब भी उस पार गया मैं !